
Digital Arrest Fraud 2026: सावधान! फर्जी सरकारी योजनाओं और AI वीडियो के जरिए लोगों को ठग रहे साइबर अपराधी
MK Mandeep News | विशेष रिपोर्ट | 23 अक्टूबर 2026
इंटरनेट पर दिखने वाला हर सरकारी विज्ञापन सच नहीं होता। सोशल मीडिया पर किसी बड़े नेता का वीडियो, सरकारी योजना के नाम पर पैसे देने का दावा या अचानक आया फोन लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना सकता है। साइबर अपराधी अब नकली वीडियो, फर्जी वेबसाइट और डराने वाले फोन कॉल का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बना रहे हैं।
हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, फर्जी सरकारी योजनाओं और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
डिजिटल अरेस्ट क्या है?
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी में अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं। वे व्यक्ति पर किसी अपराध में शामिल होने का झूठा आरोप लगा सकते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांग सकते हैं।
ध्यान रखें: केवल वीडियो कॉल पर किसी का पुलिस अधिकारी होने का दावा करना उसकी पहचान का प्रमाण नहीं है। किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर डराकर पैसे देने के लिए मजबूर करने की कोशिश गंभीर चेतावनी का संकेत है।
फर्जी सरकारी योजनाओं के विज्ञापन से कैसे बचें?
रिपोर्टों के मुताबिक, साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर सरकारी सहायता, नकद इनाम, कैशबैक और मुफ्त लाभ देने के झूठे दावे कर सकते हैं। कुछ विज्ञापनों में नेताओं के बदले हुए वीडियो या आवाज का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
ऐसे मामलों में लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस या वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं।
किसी भी योजना पर भरोसा करने से पहले संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी जानकारी जांचें। केवल वीडियो, पोस्ट या व्हाट्सऐप संदेश देखकर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
UPI इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अपना UPI PIN, OTP या बैंक पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- पैसे प्राप्त करने के नाम पर आई अनजान UPI रिक्वेस्ट को बिना जांचे मंजूर न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इस्तेमाल न करें।
- सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर मांगी गई संदिग्ध फीस की जांच करें।
- किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें।
याद रखें, UPI PIN डालना आम तौर पर भुगतान को अधिकृत करता है, इसलिए किसी भी भुगतान अनुरोध को ध्यान से पढ़ें।
अगर आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?
अगर आपके खाते से संदिग्ध लेनदेन हो गया है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें। आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत कर सकते हैं।
जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी जल्दी संबंधित एजेंसियों और बैंक को कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है। पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती, इसलिए देरी न करें।
निष्कर्ष
डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना अब पहले से अधिक जरूरी है। किसी भी फोन कॉल, वायरल वीडियो या सरकारी योजना के विज्ञापन पर तुरंत भरोसा न करें। अपनी जानकारी सुरक्षित रखें, संदिग्ध भुगतान से बचें और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें।
MK Mandeep News की अपील: जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और इस जानकारी को अपने परिवार तथा दोस्तों तक पहुंचाएं।
स्रोत और आगे की जानकारी
- Hindustan Times की डिजिटल अरेस्ट शिकायतों पर रिपोर्ट: https://www.hindustantimes.com/india-news/21900-digital-arrest-complaints-registered-till-sept-mha-to-sc-101792697131006.html
- India Today की फर्जी सरकारी योजनाओं और AI वीडियो पर रिपोर्ट: https://www.indiatoday.in/amp/india/story/fake-government-scheme-ads-pm-cm-deepfakes-cyber-fraud-i4c-warning-3020972-2026-10-19
प्रकाशक: MK Mandeep News
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